2 में ·अनुवाद करना
अजीब तेरी एबादत है मुसल्मान
एक चांद देखकर कर देता है मस्जिदें आबद
और एक चांद देखकर कर देता है मस्जिदें विरान
सोचों हम हैं कैसे मुसलमान
रमजान शेख