गली मे जो भीड़ लगाए जा रही थी
अमीरे शहर की नेकी वो इश्तेहारी थी
जकात लेने मे शर्म आ रही थी मगर
गरीब मांओं के बच्चों की ईद प्यारी थी
#रमजानशेख
إعجاب
علق
شارك
गली मे जो भीड़ लगाए जा रही थी
अमीरे शहर की नेकी वो इश्तेहारी थी
जकात लेने मे शर्म आ रही थी मगर
गरीब मांओं के बच्चों की ईद प्यारी थी
#रमजानशेख