4 डी ·अनुवाद करना
मेरे खुलूश की गहराई से नही मिलते
ये झूठे लोग सच्चाई से नही मिलते
मोहब्बतों का सबक दे रहे हैं दुनिया को
जो ईद अपने सगे भाई से मिलते