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गली मे जो भीड़ लगाए जा रही थी अमीरे शहर की नेकी वो इश्तेहारी थी जकात लेने मे शर्म आ रही थी मगर गरीब मांओं के बच्चों की ईद प्यारी थी #रमजानशेख
आज 16 वां रोजा आईए उठकर सेहरी करें
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