دیکھو
تقریبات
بلاگ
صفحات
مزید
🌷कितनी जल्दी यह रमज़ान गुज़र जाता है प्यास लगती नहीं इफ्तार गुज़र जाता है हम गुनाहगारों की मगफिरत फरमा ऐ मेरे रब इबादत होती नहीं और रमज़ान गुज़र जाता है🌷
🥀🌷लब पर दुरूद का नग़्मा, दिल में है उनका अफ़साना, इश्क़-ए-नबी में डूबा है ये दिल का आशियाना।🌷🥀
"की मोहम्मद से वफ़ा तूने तो हम तेरे हैं, ये जहाँ चीज़ है क्या, लौह-ओ-क़लम तेरे हैं।"
کیا آپ واقعی ان دوستی کرنا چاہتے ہیں؟
مزید لوڈ کریں
آپ اشیاء خریدنے والے ہیں، کیا آپ آگے بڑھنا چاہتے ہیں؟